हमें व्यवस्थित करनी होगी सामाजिक व्यवस्था

हमें व्यवस्थित करनी होगी सामाजिक व्यवस्था

ब्रह्मचारी नारायणानंद महाराज ने कहा कि  जब हमारा संबन्ध समाज से है तो हमें हमारी सामाजिक व्यवस्था व्यवस्थित करनी हांगी। ब्रह्मचारी नारायणानंद सनातन धर्म कं प्रसार अन्तर्गत वैदिक दर्शन यात्रा कं चूरू पडाव पर स्थानीय श्री परशुराम म्वन में आयोजित प्रवचन माला में बोल रहं थे। उन्हांने कहा कि हमारा सबका आध्यात्मिक संबन्ध है तो हम सब परमात्मा की संतान है इसलिए हम सब एक है। सनातन संस्कृति विश्व कल्याण की कामना करती है और मानव को मानव से जोडती है इसलिए तो मरत विश्व का गुरू है लेकिन वर्तमान में विकृतिया आई है इसलिए व्यक्ति को मैं क्या हंू। यह जानना आवश्यक है। उन्हांने कहा कि व्यक्ति जानकर म्ी अनजान बना हुआ है वह समाज का अभिन्न अंग है फिर म्ी वह पहचान नही पा रहा है। काम, क्रोध, मद और लोभ जैसी विकृतिया व्यक्ति पर हावी हां रही है। वह जानता म्ी है लेकिन मानता नही है, क्योंकि कोई म्ी माता-पिता अपनी संतति को गलत राह पर चलते नही देखना चाहते है फिर म्ी युवा पीढी म्टक क्यों रही है। उन्हांने कहा  िकइस वेदांत दर्शन यात्रा का उद्देश्य यही है कि सनातन संस्कृति अनुसार व्यक्ति आचरण करंं, मर्यादित जीवन जीए, जीओ और जीने दो की संस्कृति को आत्मसात कर हम अपने राष्ट्रीय दायित्व का निर्वहन करंं। इस अवसर पर  सुनील मउवाला, डा. मनोज शर्मा योगाचार्य, बाबू पाटिल, पूर्व सभापति रमाकांत औझा, देवकीनन्दन शर्मा, चन्दनमल सारस्वत, मंगतुराम चोटिया, महंन्द्र चोबे, मुदित तिवारी, राकंश दाधीच, संजय दाधीच,  सुरंन्द्र महर्षि, मोहनलाल शर्मा, संदीप पाटिल, मनु ग्रोवर, जगदीश रीबियेवाला, शंकरलाल पनवाडी,, सहित बडी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Dharma yog

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